Old song lyrics Aate jate khubsurat aawara sadko pe

Old song lyrics Aate jate khubsurat aawara sadko pe


Old song aate jate khubsurat aawara sadko pe song lyrics in hindi

Old song lyrics Aate jate khubsurat aawara sadko pe.. फिल्म अनुरोध का बेहद प्रासंगयुक्त गीत है। फिल्म के हीरो राजेश खन्ना इस गीत आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे की प्रस्तुति आकाशवाणी मतलब रेडियो पर देते नजर आते हैं। स्मरण रहे पहले पहले आकाशवाणी भी अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा प्लेटफॉर्म हुआ करता था। वैसे आज भी, आप आर जे नावेद को तो जानते ही होंगे। जो अपनी आवाज और मुर्गा बनाने की उनकी कला को बहुत ही पसंद किया जाता है।

आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे गीत पुराना है परंतु आज भी बेहद मोहक लगता है। जिसमें एक युवक और युवती के इत्तफाकान मिलने की दास्तान को बेहद रोचक ढंग से पेश किया है। जिसमे बताया भी गया है कि इत्तफाक से aate jate khubsurat aawara sadko pe कभी कभी इत्तेफाक से ऐसा हो जाता है, जैसा कि गीत में दर्शाया गया है। Old song lyrics की बात ही यह होती है कि इनमे भाव होता है पुराने गीत का meaning होता है।

Old song lyrics आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे, के गीतकार कौन है?

आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे के गीतकार हैं आनंद बख्शी।

फिल्म अनुरोध के इस गीत राह में एक रेशमी रुमाल मिला है, जो आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे के बीच का हिस्सा है। 

किशोर कुमार साहब ने aate jate khubsurat aawara sadko song lyrics को अपनी आवाज दी है और संगीतकार हैं कल्याणजी आनंदजी

Old song aate jate khubsurat aawara sadko pe song lyrics in hindi

फिल्म:- अनुरोध
गायक:- किशोर कुमार
गीतकार:- आनंद बक्शी
संगीतकार:- कल्याणजी आनंदजी

आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे 

कभी कभी इत्तफाक से 

आते जाते खूबसूरत आवारा सड़को पे 

कभी कभी इत्तफाक से 

कितने अंजान लोग मिल जाते है

उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं

कुछ याद रह जाते हैं


"आवाज की दुनिया के दोस्तो 

कल रात इसी जगह पे मुझको"


किस कदर इक हसीन खयाल मिला है

राह में एक रेशमी रुमाल मिला है

किस कदर इक हसीन खयाल मिला है

राह में एक रेशमी रुमाल मिला है

जो गिराया था किसी ने जानकर

जिसका है वो ले जाए पहचानकार

वरना मैं रख लूंगा उसको अपना जानकर 

किसी हुस्न वाले की निशानी मानकर

निशानी मानकर...

हंसते गाते लोगों की बातों ही बातों में

कभी कभी इक मजाक से..

कितने जवान किस्से बन जाते हैं

उन किस्सों में चंद भूल जाते हैं

चंद याद रह जाते हैं

उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं

कुछ याद रह जाते हैं


"तकदीर मुझ पे मेहरबान है

जिस शौक की ये दास्तान है"


उसने भी शायद ये पैगाम सुना हो

मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो

उसने भी शायद ये पैगाम सुना हो

मेरे गीतों में अपना नाम सुना हो

दूर बैठी वो ये जान ले

मेरी आवाज़ को पहचान ले

काश फिर कल रात जैसी बरसात हो

और मेरी उसकी कहीं मुलाकात हो

मुलाकात हो

लंबी लंबी रातों में नींद नही जब आती

कभी कभी इस फिराक से 

कितने हसीन ख्वाब बन जाते हैं

उनमें से कुछ ख्वाब भूल जाते हैं

कुछ याद रह जाते हैं

उनमें से कुछ लोग भूल जाते हैं

कुछ याद रह जाते हैं


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